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गुजरात में पुलिस ने खुद ही दलितों को उन्हें पीटने वाले 'गौरक्षकों' के हवाले किया

समाचार संक्षेप - भारत
गुजरात में गाड़ी से बांधकर दलितों की पिटाई के मामले में पुलिस वालों की मिलीभगत की बात सामने आई है. मंगलवार को राज्य के वेरावल जिले के डिप्टी एसपी केएन पटेल ने मीडिया को बताया कि उना में 11 जुलाई को खुद पुलिस ने ही गौहत्या के आरोपी चार दलित युवकों को कथित गौरक्षकों के हवाले कर दिया था. उनके मुताबिक घटना के दिन उना पुलिस दलितों की पिटाई की ख़बर मिलते ही मौके पर पहुंच गई थी लेकिन सहायक सब इंस्पेक्टर ने गौरक्षकों को ही दलितों को थाने ले जाने की जिम्मेदारी दे दी.

      पटेल के अनुसार गौरक्षक दलित युवकों को थाने ले जाने की बजाय उन्हें गांव में ही घुमाते हुए तीन घंटे तक पीटते रहे. इसके बाद जब यह खबर गांधीनगर के राज्य पुलिस कंट्रोल रूम पहुंची, तब वहां से इसकी जानकारी वेरावल पुलिस को दी गई जिसके बाद उना पुलिस हरकत में आई. पटेल यह भी बताते हैं कि इतना होने के बाद भी उना पुलिस ने गौरक्षकों पर कोई कार्रवाई करते हुए दलितों को गिरफ्तार कर लिया जिससे लोग भड़क गए. केएन पटेल के अनुसार इस मामले में दोषी चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है.

      वहीं, इस घटना के विरोध में बुधवार को भी सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात के कई इलाकों में हिंसक प्रदर्शन हुए. इससे पहले मंगलवार को हुए ऐसे प्रदर्शनों के दौरान एक पुलिस कांस्टेबल सहित दो लोगों की मौत हो गई थी. इस दौरान कई दलित युवकों ने इस घटना के विरोध में आत्महत्या की कोशिश भी की थी.  साभार : सत्याग्रह...

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