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अपने ही हम रकीब हैं, अपने हबीब हैं./---रंजन ज़ैदी

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'चिड़ियों ने अपने-अपने ठिकाने बदल दिए, बुलबुल की है खबर के शिकारी क़रीब हैं. शेर पढ़कर 'डॉ.एहसान रज़ा' ने पूरी ग़ज़ल पढ़ने का इज़हार किया था. 'डॉ.एहसान रज़ा' मेरे अज़ीज़ दोस्त हैं, सऊदी अरब में रहते हैं और शाइर भी हैं . उनकी फ़रमाइश पर ग़ज़ल के चंद अशआर पेशे-ख़िदमत है. पसंद आऐं  तो दाद चाहूँगा। इसे साहिबे-अदब मेरी वेबसाईट पर भी देख सकते हैं. 'http://dayar-e-urdu.com' पर भी. अपने ही हम रकीब हैं, अपने हबीब हैं.                                                                                                  ...

'लव' का मतलब 'मुहब्बत', 'जिहाद' का मतलब 'धार्मिक-युद्ध', तब?/ ----रंजन ज़ैदी

' लव ' का मतलब ' मुहब्बत ', ' जिहाद ' का मतलब ' धार्मिक - युद्ध ', तब?                               ---- रंजन   ज़ैदी   ' चु नावी - जीत ' हासिल करने का ‘ जुनून’   आरएसएस की तमाम कथित   सेनाओं और   बीजेपी   को   किसी भी हद तक और किसी के भी   खेमे तक   कहीं भी   ले जा   सकता है . ' लव - जिहाद ' का कथित आंदोलन इसका   सबूत है .    यह   बात और है कि बीजेपी ने इस प्रकार के   आंदोलन से अपना पल्ला झाड़ लिया   है ।             ' लव ' का मतलब ' मुहब्बत ' है . ' जिहाद ' का मतलब ' धार्मिक - युद्ध ',   यानि इस्लाम   धर्म या पंथ की रक्षा के लिए लड़ा जाने वाला   धार्मिक - युद्ध। स्पष्ट है कि   अरबी से निकला   ' जिहाद '  का   शब्द निश्च...