सोनू निगम को भी अवाम को बताना चाहिए कि उसकी सोच..../ डॉ. ज़ैदी ज़ुहैर अहमद
सोनू-निगम परिवार सहित प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मैं समझता हूँ कि सोनू निगम को अगर सियासत में नहीं जाना है तो इस दलदल से दूर रहें. सोनू निगम एक बड़ा गायक-कलाकार है. पिछले सप्ताह मैं मुंबई में था. सोनू और दिल्ली के अपने उस प्यारे गायक व गीतकार यानि कैलाश खेर ( जिसने 'टूटा-टूटा एक परिंदा ऐसे टूटा.'.लिखा और गाया था ) से मिलने की योजना बना रहा था. मैं चाहता था कि मेरा एक गीत 'अल्ला बस, बाक़ी हवस' इन दोनों में से कोई गाये. जब सोनू निगम का अज़ान-विवाद सुना तो बढ़ते पाँव रुक गए. कष्ट भी हुआ. मेरे विचार से सोनू निगम को इस तरह के विवाद में नहीं पड़ना चाहिए था, लेकिन जिस तरह से मीडिआ इस मुद्दे को उछाल रही है उससे मामला पेचीदह लगता है. संदेह भी होता है कि कहीं सोनू निगम राजनीति (राज्य-सभा) में जाने की तैयारी तो नहीं कर रहे हैं क्योंकि सूत्रों की माने तो रेखा और सचिन शायद बहुत जल्द इस्तीफ़ा दे दें. इसपर कांग्रेस अभी तक मौन है. सूत्र यह भी बताते हैं कि बीजेपी के एक गायक युवा केंद्रीय मंत्री की सलाह पर सोनू नि...