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'आम आदमी' का दुरूह स्वप्न /रंजन ज़ैदी

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डॉ. रंजन ज़ैदी भा रत के आम आदमी के लिए ही नहीं बल्कि दुनिया भर के अवाम के लिए अब यह  संसार अधिक जटिल और असुरक्षित हो गया है. नई आर्थिक व्यवस्था और प्रौद्योगिक विकास ने आर्थिक-तंत्र के मूलभूत पहलुओं को ही बदल दिया है. सुपर बाज़ारों में सारा विश्व सिमट आया है. तीसरी दुनिया के देश विश्वभर के 60,000 से अधिक आपूर्तिकर्ता ब्रिटेन के सेंसबरी सुपर मार्किट श्रृंखला से सामान खरीदते हैं लेकिन ब्रिटेन का 27 %खाद्य-पदार्थ विदेशों से आयात होता है. इसमें भारत जैसा देश भी ब्रिटेन के खेल-कूद के सामान की आपूर्ति करने में पीछे नहीं है. इस वैश्विक बाज़ार में चीन, ब्राज़ील,जमैका थाईलैंड, केनिया और घाना जैसे देश भी शामिल हैं.       अमर्त्यसेन ने अपने शोध-प्रबंध (१९६२) में सवाल किया था 'विशेषज्ञ बताएं कि'विकास' का तात्पर्य  क्या   है?' मतलब यह कि जीवन की गुडवत्ता के साथ समानधर्मी विकास की पक्षधरता भी ज़रूरी है जिसकी उपेक्षा नहीं की जानी चाहिए। क्योंकि किसी भी राष्ट्र-राज्य में सांप्रदायिक फासिस्टवाद को...

लखनऊ में सम्पन्न हुई संस्था की तीसरी संगोष्ठी/RNI

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स मुदाय के भीतर व्यापार को बढ़ावा मिले, एक मजबूत आवाज का गठन हो, समुदाय से संबंधित उद्यमियों समुदाय में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए आई सी सी आई का गठ और सरकार दोनों के हित में काम करने और दोनों में आपसी सौहार्द पैदा करने के लिए पालिसी का निर्माण करने के उद्देश्य से 'इमामिया चैंबर आफ कामर्स' एवं इंडस्ट्री के गठन से संबंधित तीसरी मीटिंग लखनऊ के आरिफ कैसल में हुई जिसमें लखनऊ के छोटे बड़े उद्यमियों ने मुम्बई, दिल्ली और हैदराबाद से आए उद्यमियों से विचारों का आदान प्रदान किया।  इससे पहले आई सी सी आई के गठन से संबंधित दो मीटिंग मुम्बई और दिल्ली में हो चुकी हैं जिसके फलस्वरूप प्लानिंग कमीशन की सदस्य डाक्टर सैयदा हामिद से एक मीटिंग में आई सी सी आई को प्लानिंग कमीशन के साथ जोड़ने के सम्बन्ध में बातचीत हुई। इस सन्दर्भ में आगामी 25 जनवरी को आईसीसीआई की एक मीटिंग हैदराबाद में होना तय हुआ है। आई सी सी आई के गठन के उद्देश्य को बताते हुए संस्था के कार्यकारी निदेशक मेजर एसजेएम जाफरी ने बताया कि आईसीसीआई राष्ट्रीय, राज्य-स्तर पर समुदाय ...