मुसलमानों को अब अपना विकास करना ही होगा. /डॉ. ज़ैदी ज़ुहैर अहमद
छाया :ANI : मुसलमानों को अब अपना विकास करना ही होगा. /डॉ. ज़ैदी ज़ुहैर अहमद आ ज के भारतीय मुस्लिम समुदाय का युवा मुसलमान अत्यंत कठिन दौर से गुज़र रहा है. उसके पास रोज़गार नहीं है. शिक्षा है तो नौकरी नहीं है. सरकारी बैंक रोज़गार के लिए न तो लोन देते हैं और न ही नौकरियां. कमज़ोर वर्ग के बच्चे झुग्गियों से निकल कर या तो कूड़ा बीनते हैं, या 'छोटू' बनकर दुकानीं, ढाबों और दुकानदारों के यहाँ नौकरियां करते है. गाँव जावर से शहरों तक पहुँचने वाले बच्चे मुस्लिम यतीम खानों या चैरिटेबिल ट्रस्टों द्वारा चलाये जा रहे बच्चो के घर जैसे मदरसों अथवा स्कूलों में तालीम हासिल करते हैं. ढेर से मदरसे मस्जिदों में चलाये जाते हैं. शिया समुदाय के लिए मनसबिया या नाज़्मीयां जैसे असंख्य काले...