जन्म-दिवस पर विशेष: 'सुलगते है तेरी यादों के बन' / डॉ.रंजन ज़ैदी
डॉ.रंजन ज़ैदी https://alpst-poltics.blogspot.com/2022/03/blogpost_14.html सै यद मासूम रज़ा आब्दी वल्द सैयद बशीर हसन आब्दी, साकिन गंगोली ज़िला ग़ाज़ीपुर, उत्तर प्रदेश। राही का जन्म सितम्बर, 1927 को उनके नानीहाल बघुंही, में हुआ था। बघुंही, पारा और नुनेहरा नामक क़स्बों के पास बसा हुआ पूर्वी उत्तर प्रदेश ज़िला ग़ाज़ीपुर का एक छोटा सा गांव है। उनका दादीहाल गंगोली में है, यानी ग़ाज़ीपुर से लगभग 12-14 मील दूर। कहते हैं कि उस गांव का नाम वहां के एक राजा गंग के नाम पर रखा गया था। मासूम रज़ा की दादी राजा मुनीर हसन की बहन थीं। ढेकमा - बिजौली में उनका निकाह एक दुहाजू व्यक्ति के साथ हुआ लेकिन वह कभी अपनी ससुराल में नहीं रहीं। उन्होंने अपना पूरा जीवन अपने पति के साथ मायके में ही गुज़ार दिया। उनके पति अपने जीवन के आखिरी दिनों में मानसिक रोंग से पीड़ित हो गये थे और एक दिन एक गढ़े में गिरते ही उनकी मृत्यु हो गई थी। ...