मोहन कुमार कश्यप की नई पुस्तक का नाम है 'मरने से पहले'.
मो हन कुमार कश्यप की नई पुस्तक का नाम है 'मरने से पहले'. कवि जनार्दन मिश्र के कविता संग्रह 'मरने के बाद.' विषय अलग हैं. का नाम है मोहन कुमार कश्यप की कई और भी पुस्तकें हैं.जैसे 'क्यों और कैसे' ,ऐसा भी होता है, तथा 'गहरे पानी पैठ' आदि. जयपुर बुक हॉउस के प्रकाशन का नाम निरोगी दुनिया प्रकाशन है. निरोगी दुनिया इसी प्रकाशन की जानी-मानी पत्रिका है. 'मरने से पहले'.पुस्तक के 26 अध्यायों और 334 पृष्ठों में आत्म-हत्या के कारणों, सम्बद्ध परिवार पर पड़ने वाले प्रभावों और उससे बचने के उपायों पर सनातनी प्रकाश डालती है. सनातनी इसलिए कि लेखक स्वयं स्वीकारता है कि आत्महत्या करने वाला व्यक्ति अपने जीवन में जैसे कर्म करता है उसके अनुसार ही उसे फल भोगने होते हैं. उसकी मान्यता के अनुसार आत्महत्या भी एक प्रकार से जीव-हत्या ही है. अगर वह आत्म-हत्या के द्वारा शरीर का त्याग कर देता है तो उसके समस्त पुण्य निष्फल हो जाते हैं और वह घोर पाप का भगीदार बन जाता है ...