हुसैनी टाइगर्स ने किया था विधायक हसन अहमद पर हमला /रंजन ज़ैदी
(दायें से बाएं) दिल्ली कांग्रेस के विधायक हसन अहमद, तथा कांग्रेस की नेता रीता बहुगुणा ल खनऊ की सियासत अब चौंकाने वाली हो गई है. जबसे शिया मौलाना सैयद कल्बे-जव्वाद नक़वी ने कौम से बीजेपी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह को समर्थन दिए जाने की अपील की थी, तभी से शिया समुदाय उनसे आँख बचाकर फ़ासला बनाता देखा जा रहा था. (अभी प्राप्त समाचार के अनुसार उन्होंने बीजेपी से समर्थन वापस लेकर अब आम आदमी पार्टी को अपना समर्थन देने की खुली घोषणा कर दी है.) समर्थन वापसी के पीछे के कारणों के समबन्ध में बताया जाता है कि इससे वोटों के ध्रुवीकरण की सम्भावना का खतरा बढ़ गया था. शिया-सुन्नी वोट भी विभाजित होते नज़र आ रहे थे. इस सन्दर्भ में हाल में ही कैसरबाग़ स्थित होटल जेमनी कांटिनेंटल के काफी हाउस मैं घटी उस घटना को भी ज़िम्मेदार बताया जा रहा है जिसमे मौलाना सैयद कल्बे-जव्वाद नक़वी के युवा समर्थक हुसैनी टाइगर्स के वालंटियरों द्वारा अचानक दिल्ली कांग्रेस के विधायक और लखनऊ चुनाव के स्थानीय संयोजक हसन अहमद पर हमल...