कांग्रेस की करिश्माई ताक़त पलायन की ओर\रंजन ज़ैदी
प्रियंका : समय कभी इंतज़ार नहीं करता. रंजन ज़ैदी:गरीबी अभिशाप है, पिकनिक नहीं. समय बदल रहा है . मनुष्य को समय के साथ चलना चाहिए. समय के साथ बहुत कुछ बदलता रहता है. धरती का भूगोल बदलता है, राजनीति का इतिहास बदलता है, हुकूमते बदलती हैं और हाकिमों की तकदीरें भी समय के साथ बदल जाती हैं. ज़ालिमों का दौर आता है तो मज़लूमों का भी. गरीब अमीर बन जाता है और अमीर गरीब. धरती घूमती रहती है. वह भी अपनी कीली पर घूमते हुए भी कभी एक जगह नहीं ठहरती है. वह अंतरिक्ष के जिस सफ़र से गुज़रती है, उसका प्रभाव भी अपने आप में आत्मसात करती चलती है. लेकिन धरती पर रहने वाला मानस खुद को बदलने के लिए राज़ी नहीं होता है, जबकि वह जनता है कि न वह अजेय है, न अमर. एक निश्चित समय तक उसकी यात्रा विभिन्न पड़ावों से होकर गुजरेगी. फिर सब कुछ समाप्त हो जायेगा. कांग्रेस भी अपने उत्तरार्द्ध की यात्रा पर गमन कर रही है. ...