संदेश

मई, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

अनमोल बातें /डॉ. रंजन ज़ैदी

उपन्यास से इतर. __________________ जा दूगरों ने भविष्यवाणी की थी कि     फिरऔन   के अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए मूसा जन्म लेंगे. जिस रात   मूसा का जन्म होने वाला था  उस रात 7000 बच्चों ने जन्म लिया और    फिरऔन  ने उन सबको उसी रात क़त्ल करवा दिया. लेकिन मूसा ने उस रात को जन्म न लेकर  दोपहर को ही  जन्म ले लिया जिसकी भविष्यवाणी नहीं की गई थी. अंततः उसी पैग़म्बर हज़रत मूसा ने कालांतर में   बादशाह  फिरऔन   का वध  कर दिया. यहां एक बात सिद्ध हो जाती है और आश्चर्य भी होता है कि बादशाह  फिरऔन के पास बहुत ताक़तवर बादशाहत थी, लेकिन उसके पास आजतक अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक लोक-स्वीकृति नहीं है, समाज और देशों में आज तक उसकी निंदा होती है.   कमाल  की बात यह भी है कि फिरऔन के घर में बीबी  आसिया रहीं, मगर पाक-साफ़  आसिया,  पैग़मबर नूह की पत्नी थीं. प्राचीन ग्रंथों में हज़रत  नूह के समय में  ही महाप्रलय के आने का वर्णन...

پریشان دل کی آہ ताक़त मिल जाने का मतलब यह नहीं है कि तुम.../ शेख सादी

चित्र
پریشان دل کی آہ शेख सादी  حضرت شیخ سعدی رحمتہ اللہ علیہ بیان کرتے ہیں کہ ایک ظالم شخص غریبوں پر ظلم کرتا رتھا اور ان کی لکڑیاں سستے داموں خریدتا اور انہیں آگے زیادہ منافع پر فروخت کردیتا رتھا۔ایک دن ایک نیک شخص کا گزر اس کے پاس سے ہوا تو اس نے کہا کہ تو ہر کسی کو ڈستا ہے کیا تو سانپ ہے؟تو وہ الوہے جو جہاں بیٹھتا ہے وہاں ویرانی کر دیتا ہے ۔ حضرت شیخ سعدی رحمتہ اللہ علیہ بیان کرتے ہیں کہ ایک ظالم شخص غریبوں پر ظلم کرتا رتھا اور ان کی لکڑیاں سستے داموں خریدتا اور انہیں آگے زیادہ منافع پر فروخت کردیتا رتھا۔ایک دن ایک نیک شخص کا گزر اس کے پاس سے ہوا تو اس نے کہا کہ تو ہر کسی کو ڈستا ہے کیا تو سانپ ہے؟تو وہ الوہے جو جہاں بیٹھتا ہے وہاں ویرانی کر دیتا ہے۔اگر تیرا مخلوق پر زور ہے تو اس کا یہ مطلب ہر گز نہیں کہ تیرا زور اللہ عزوجل پر بھی چل جائے۔زمین والوں پر ظلم نہ کر کہ تیرے خلاف کسی کی دعا عرش تک پہنچ جائے۔ اس بدبخت کو یہ نصیحت اچھی نہ لگی اور اس نے اس نیک شخص کی بات پر کوئی توجہ نہ دی۔دولت کی لالچ نے اسے گناہوں کی دلدل میں دھکیل دیا۔پھر ایک رات اس کی لکڑیوں کو آگ لگ ...

'हज़ारों साल नरगिस अपनी बेनूरी पे रोती है,"/ डॉ रंजन ज़ैदी

चित्र
                         ' हज़ारों साल नरगिस अपनी बेनूरी पे रोती है , बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदावर पैदा ."/ डॉ रंजन ज़ैदी             य ह शे ' र युगुरुष , योग गुरु स्वामी बाबा रामदेव के जीवन और उनके व्यक्तित्व पर सीधे चस्पा होता है . कौन जानता था कि हरियाणा राज्य के महेंद्रगढ़ जनपद के अंतर्गत आने वाले गाँव अलीपुर के एक ग़रीब घर में 1965 को रामकिशन यादव नाम से एक ऐसा योगऋषि जन्म लेगा जो भारतीय आयुर्वेद और भारतीय योग को एक नया सम्मान और अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता व ख्याति से अलंकृत कर देगा . योग - ऋषि बाबा रामदेव द्वारा स्थापित ' दिव्य योग मंदिर संस्थान ' से दीक्षित एक योगी सतीश पाराशर बताते हैं कि इस संस्थान ने उनके जीवन को नया प्रकाश दिया है . जीवन से निराश , हताश और नियति पर अटक जाने वाले पाराशर बताते है कि बाबा के योग ने उनके जीवन की गति ...