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alpst-POLITICS: सीरिया में संकट राष्ट्र संघ की नाकामी

alpst-POLITICS: सीरिया में संकट राष्ट्र संघ की नाकामी : बा न की मून  ने सीएनएन से बात करते हुए कहा है कि सीरिया में संकट का समाप्त न होना और इस देश में हिंसक घटनाओं का जारी रहना, राष्ट्र संघ ... ContactID:https://zaidi.ranjan20politcs1@blogger.com,facebook.com/ranjanzaidi786 -लेखक

सीरिया में संकट राष्ट्र संघ की नाकामी

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बा न की मून  ने सीएनएन से बात करते हुए कहा है कि सीरिया में संकट का समाप्त न होना और इस देश में हिंसक घटनाओं का जारी रहना, राष्ट्र संघ की बहुत बड़ी नाकामी है जिसमें महिलाएं और बच्चे आतंकवादी हिंसा और झड़पों की भेंट चढ़ रहे हैं, यह बहुत ही खेदजनक विषय है।       बान की मून का यह बयान एेसी स्थिति में सामने आया है जब आतंकवादी गुटों द्वारा पिछले चार वर्ष से हलब के जारी परिवेष्टन पर पश्चिमी हल्क़े और संयुक्त राष्ट्र संघ, सीरिया में आतंकवादियों के अपराधों के बारे में मौन रहे हैं ।       गत 22 नवंबर को तेहरान में स्लोवेनिया के राष्ट्रपति बारूत पाखोर ने वरिष्ठ नेताओं से भेंट के दौरान कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों को वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई सहित अन्य नेताओं के समक्ष क्षेत्र की दर्दनाक घटनाओं और कुछ शक्तियों की ओर से राष्ट्रों पर थोपे गये युद्ध और अस्थिरता की ओर संकेत किया था .   ______________________________________________________________________________...

संवेदनशील पहलुओं पर निगाह डालते रहना चाहिए..../ रंजन ज़ैदी

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 मुख्य-मंत्री  अरविन्द केजरीवाल   पू र्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल के द्वारा की गई आत्म-हत्या पर दिल्ली हाईकोर्ट का आने वाला फैसला जो भी हो, दिल्ली के मुख्य-मंत्री अरविन्द केजरीवाल को इस विषय पर राजनीति नहीं करनी चाहिए. याद रहे, इस घटना के बाद अरविन्द केजरीवाल ने पीड़ित परिवार को दिल्ली सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये का मुआविज़ा देने की घोषणा की थी जिस पर हरियाणा बीजेपी सरकार ने अपने स्वभाव के अनुसार 'लाशों पर की जा रही सियासत' का आरोप लगाया था. इस सम्बन्ध में हरियाणा बीजेपी सरकार को याद नहीं रहा कि खट्टर सरकार ने भी प्रभावित परिवार को 10  लाख रूपये और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा पहले ही कर चुकी है और देश के दूसरे राज्यों में भी आर्थिक तंगी के कारण किसान और बेरोज़गार युवा आये-दिन आत्महत्याएं  करते रहते हैं.         सवाल यह है कि क्या समस्याओं से जूझने की बजाये व्यक्ति को आत्महत्या कर लेना चाहिए? क्या आत्महत्या इच्छाओं, अकांक्षाओं के पूरे न होने, टूटती उम्मीदों, बिखरते सपनो और जीवन के सं...