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मई, 2012 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

युनिवार्सिटी में राजनीति भी अपने-अपने कैम्पों में रहती है/नीना गर्ग

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अनेक  समस्याओं से जूझती, संघर्ष करती, तमाम विरोधभासों का डटकर सामना करती उत्तरप्रदेश स्थित केंद्रीय मुस्लिम यूनिवर्सिटी, अलीगढ आज भी असामाजिक तत्वों  व अतिवादी ताकतों का निशाना बनी हुई है. उसके अस्तित्व प़र उसके जन्म से ही सवाल उठाये जाते रहे हैं. कारण यह है कि वह मुसलमानों के बच्चों की तालीम हासिल करने का एक आधुनिक और प्रगतिशील शैक्षिक संस्थान है जिसने देश और विश्व को महान वैज्ञानिक, राजनेता, न्यायविद, दार्शनिक,  साहित्यकार, बुद्धिजीवी, अध्यापक और प्रशासनिक अधिकारी दिए हैं. प्रोफ़ेसर हरवंशलाल शर्मा इसी विश्वविद्द्यालय के कार्यकारी उपकुलपति भी रहे हैं. यहाँ के हिंदी-उर्दू विभाग ने मजाज़ लखनवी, राही मासूम रज़ा, शहरयार, बशीर बद्र, असगर वजाहत, उषा प्रेम्वदा, कुसुम अंसल, रंजन ज़ैदी और अनेक जानीमानी विभूतियों को जन्म दिया. इतिहास में प्रोफेसर इरफ़ान हबीब और प्रोफ़ेसर मुशीरुल हसन से भला कौन अपरिचित है.ये वे विभूतियाँ हैं जिनके नाम सेक्युलरिज़्म की ज़मानत हैं. लेकिन खुद अलीगढ़...

अखिलेश की राज्य के प्रशासन पर पकड़ मज़बूत बनी रही तो..../डॉ. रंजन जैदी

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उत्तर प्रदेश का नया मुख्या मंत्री:अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश का  राजनीतिक सिनेरियो अब बदल चुका है. समाजवादी पार्टी का युवा नेता अखिलेश यादव अब उत्तर प्रदेश के राजनीतिक इतिहास का पहला कमसिन मुख्यमंत्री होगा. मुलायम सिंह यादव और आज़म खां के इस दूरगामी फैसले ने समाजवादी पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को सोची-समझी रणनीति के तहत एक तरह की मजबूती प्रदान कर दी है. यदि अखिलेश की  राज्य के प्रशासन पर पकड़ मज़बूत बनी रही तो कालांतर में  उत्तर प्रदेश निश्चय ही         अपने पैरों पर खड़ा हो जायेगा. मुलायम सिंह यादव, अखिलेश और आज़म खां की राजनीतिक शैली पर निगाह डालते ही समझ में आ जाता है कि कांग्रेस नये जनमत संग्रह के बाद अब बहुत बड़े खतरे में आ चुकी है जहाँ से उसके अस्तित्व के स्थायित्व के लिए नई चुनौतियों के दरवाजे खुलने शुरू हो जाएंगे. सच्चाई यह है कि यह कांग्रेस के उस युग के अंत की दस्तक और राजनीति के अंत की वह सरगोशी भी  है जिसने देश के लगभग हर वर्ग और जाति के बीच के फासलों को बढ़ाकर दशकों तक देश पर अंग्रेजों की तरह शासन किया और हिन्दू-मुसल...

सोनिया गांधी पर इटली के लोगों को फख्र /पीटीआई/ ए कुमार

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एक पूर्व प्रधानमंत्री की विधवा से भारत की सबसे सशक्त राजनेता बनने तक सोनिया गांधी के सफर को उनके मूल देश इटली में बड़े सम्मान से देखा जाता है. इटैलियन लोग सोनिया को पूरी तरह भारतीय मानते हैं. सत्ता के 'शीर्ष' पर सोनिया रोम में टैक्सी चलाने वाले 35 वर्षीय उमबर्तो केतेलानो भारत में सत्ताधारी यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी के सफर पर कहते हैं, "यह एक सपने जैसा है." जब केतेलानो के दो और दोस्तों से पूछा गया कि क्या वे सोनिया गांधी के बारे में जानते हैं तो उनका जबाव था, "बिल्कुल. उनकी प्रेम कहानी तो बहुत से इटैलियन लोगों के लिए परीकथा जैसी है. शादी के बाद वह पूरी तरह से भारतीय बन गई हैं. इससे पता चलता है कि प्यार के लिए संस्कृति, सीमाएं, नस्ल और धर्म कोई बाधा नहीं होतीं." सोनिया पर गर्व देबोरा लेप्रे की रोम की सबसे व्यस्त सड़क पर अपनी एक दुकान है. वह भी सोनिया गांधी के व्यक्तित्व से बहुत प्रभावित हैं. उनका कहना है, "हमने सुना है कि वह भारत की सबसे प्रभावशाली और ताकतवर राजनीतिज्ञ हैं. हम में से ज्यादातर को इस बात पर फख्र है." रोम क...