अनमोल बातें /डॉ. रंजन ज़ैदी

  • उपन्यास से इतर.__________________
    जा
    दूगरों ने भविष्यवाणी की थी कि  फिरऔन के अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए मूसा जन्म लेंगे. जिस रात  मूसा का जन्म होने वाला था  उस रात 7000 बच्चों ने जन्म लिया और  फिरऔन ने उन सबको उसी रात क़त्ल करवा दिया. लेकिन मूसा ने उस रात को जन्म न लेकर दोपहर को ही जन्म ले लिया जिसकी भविष्यवाणी नहीं की गई थी. अंततः उसी पैग़म्बर हज़रत मूसा ने कालांतर में  बादशाह फिरऔन  का वध  कर दिया. यहां एक बात सिद्ध हो जाती है और आश्चर्य भी होता है कि बादशाह फिरऔन के पास बहुत ताक़तवर बादशाहत थी, लेकिन उसके पास आजतक अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक लोक-स्वीकृति नहीं है, समाज और देशों में आज तक उसकी निंदा होती है.  कमाल  की बात यह भी है कि फिरऔन के घर में बीबी आसिया रहीं, मगर पाक-साफ़ आसिया,  पैग़मबर नूह की पत्नी थीं. प्राचीन ग्रंथों में हज़रत नूह के समय में  ही महाप्रलय के आने का वर्णन  किया जाता है. भारतीय ग्रंथों में भी महाप्रलय का वर्णन मिलता है. उन ग्रंथों में मनु को सभ्य भारत का प्रथम पुरुष माना जाता है. 
  • स्लाम का जन्म मक्का में हुआ था. तब वहां रेगिस्तानी पेंड थे. एक ओर समुद्र था, दूसरी ओर रेगिस्तान. फ़रार के रास्ते नहीं थे. अरब में खुश्की का रास्ता हाशिये जैसा है. मक्का इसी हाशिये पर है. अरबों ने जहाज़रानी-साइंस में अनेक अन्वेषण किये थे. क़ुरआन में भी इसका वर्णन किया गया है. आदिवासी बददू सामी नस्ल के घुमक्कड़ कुलियों के क़बीलों से सम्बन्ध रखते थे. इस्लाम कुबूलने के बाद भी वे देवताओं के बुतों को सोब या अबा (एक कमरबंद वाली पोशाकऔर अबा यानि  ऊपरी हिस्से में पहनने वाला लिबास) की आस्तीनों  और जेबों में छुपाकर रखते थे. यही नहीं, नमाज़ की जमात के समय वे नहीं मूर्तियों को कॉफिया  (मतलब, सर को ढकने वाला वह कपड़ा जिसे एक डोरी यानि अक़ल से बाँध दिया जाता था.) में  घुरस लेते थे और जब सिजदा करते थे तो अक्सर कॉफिया से मूर्ति गिर पड़ती थी. 
  • स्लाम में दाढ़ी है या नहीं, विवाद है लेकिन दाढ़ी वालों ने दाढ़ी को इस्लाम में ज़रूर घसीट लिया है. दाढ़ी मुंडाने का फैशन सर्वप्रथम माविया ने शुरू किया था. 
  • 'बैत' का मतलब है खुद को दूसरों के हाथ बेच देना
  • शा (सीरिया) का गवर्नर यज़ीद इब्ने माविया  (जो बाद में बादशाह बना), उसने प्रॉफिट मुहम्मद (स) के निवासे  हज़रत इमाम हुसैन को खत लिखा कि वह यज़ीद के हाथों बैत कर लें नहीं तो जंग का मुक़ाबला करें. इमाम हुसैन (अ) ने जवाब दिया, बनू  हाशिम का यह हुसैन और रसूल का निवासा जीते जी एक बदकिरदार और ऐय्याश आदमी के हाथों बैत नहीं कर सकता.  
  • कालांतर में कर्बला की जंग इस्लाम के इतिहास की एक बड़ी घटना के रूप में हुई. . 
  • दुनिया  शब्द अदना से बना है. यह अरबी शब्द है. अदना का अर्थ होता है 'बदतरीन मर्द', दुनिया का अर्थ होता है बदतरीन औरत.' दुनिया खेल और तमाशा है. इसके बावजूद वह खतरों से घिरी रहती है. इसीलिए ज़िन्दगी भी खतरों से ख़ाली नहीं रहती. उसका एक दिन ख़त्म होना तय है जैसे आदमी ख़त्म हो जाता है, जैसे सभ्यताएं मिट जाती हैं, बादशाह नहीं रहते, नदियां एक जगह नहीं रहतीं, क़िले खंडहर बन जाते हैं. फिर भी आदमी मरना नहीं चाहता, जीना चाहता है. 
  • करने वालों को अल्लाह औलाद नहीं देता है.
  • च्चे रिश्ते लेकर जन्म लेते हैं.  
  • च्चे बहुत सवाल करते हैं, इसलिए बच्चे की माँ  का पढ़ा-लिखा होना ज़रूरी है. 
  • ब आदमी  दुश्मनी करने पर उतरता है तो वह दुश्मन की मौत के बाद उसकी क़ब्र से भी नफरत करने लग जाता है. जब मुसलमान बंटता है तो वह अपनी मस्जिदों को भी बाँट देता है.  _____________________________________________________________________
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