8 March! बेटियां, ज़मीन की शायरी की तरह हैं./

8 March! बेटियां, ज़मीन की शायरी की तरह हैं. उगती हैं तो फूल और फलों की शक्ल में ग़ज़लें और गीत
इसीलिए हमारे मुल्क की ज़मीन मंदिरों, मस्जिदों-मज़ारों की खानकाहों,
मैं महिलाओं, बच्चों और बच्चियों को मुबारकबाद देता हूँ.
गुरुद्वारों की अरदासों के लोबानो और अगर की खुशबुओं का गहवारा है, जहाँ के माहौल में शंखों और अज़ानों का शोर शिवालों के घंटों का निनाद गूंजता हुआ नृत्य करती देवदासियों के पैरों में बिंधे घुंघरुओं की गूँज माहौल में बिखरी रहती है....
अंतरराष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण के इस पावन पर्व पर मैं दुनिया की तमाम महिलाओं, बच्चों और बच्चियों को मुबारकबाद देता हूँ.
जय भारत.
डॉ. ज़ैदी ज़ुहैर अहमद,(alias रंजन ज़ैदी); कथाकार, पत्रकार.

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Ananya by Ranjan Zaidi

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नई जंग यह 'ब्लाग-मंच' आपका है। इस मंच से उठने वाली हर आवाज़ देश और समाज के बदलते राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक समीकरणों को दिशा प्रदान करती है. यह 'नई जंग' एक नये युग को नया इतिहास दे सकती है. आइये! सब कंधे से कंधा मिलाकर प्रगतिशील और जागरूक भारत और उसके विकासशील समाज व राष्ट्र को अप्रदूषित, भयमुक्त, स्वच्छ और सशक्त लोकतंत्र का नया स्वर प्रदान करें। आपकी रचनाएं आमंत्रित हैं। ContactID:https://zaidi.ranjan20politcs1@blogger.com,facebook.com/ranjanzaidi786, twitter@786ranjanzaidi.com, www.youtub.com /  AVSEQ01.3gpIshan Zaidi
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  • 5 years ago
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