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पुस्तक : इतिहास के झरोखे से ( 3 ) /डॉ. रंजन ज़ैदी
पुराना किला Recent Book/ History Past: By Dr. Ranjan zaidi गाहे - गाहे बाज़ ख्वां ईं क़िस्स ए पारीनह रा। ( क़िस्सों को कभी - कभी दोहराते रहना चाहिए।) गतांक से आगे@&a ट र्किश गु़लाम ताजुद्दीन यल्दोज़ ने जब कुतुबुद्दीन को देखा तो वह उसे अपलक देखता रह गया। वह सोचने लगा ] यही वह शख्स है जिसकी तकदीर में उसकी बेटी की जन्नत लिखी हुई है। बस ] उसकी शादी होने की देर है। किस्मत ने साथ दिया ] बेटी की कुतुबुद्दीन ऐबक के साथ शादी हो गई। सितारे बदले तो कुतुबुद्दीन की बहन का विवाह सिंध के गवर्नर नासिरुद्दीन क़बाचा से तथा आगे जाकर ऐबक की अपनी बेटी की शादी बिहार के तत्कालीन गवर्नर शम्सुद्दीन अल्तमश के साथ हुई। बहनोई और दामाद दोनों ही मूलतः गुलाम वंश से सम्बंध रखते थे। ...
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