आजतक पर हमला /AJTAK PAR HAMLA

आजतक  पर  हमला  लोकतंत्र प़र फासीवाद का हमला है. इसकी पुरजोर भर्त्सना की जानी चाहिए. इसतरह के हमले हमें शर्मसार करते हैं. भारत जैसे लोकतान्त्रिक देश में जब इस तरह के हमले होने लगें तो समझ लेना चाहिए कि सब कुछ सामान्य नहीं है. हमें गहराई से पड़ताल करना चाहिए कि फासीवाद का सहारा लेकर देश की लोकतान्त्रिक अस्मिता को कौन लोग दागदार करना चाह रहे हैं? मुस्लिम दुश्मनी से कोई हल निकलने वाला नहीं है.इस्राईल की शैली को अपनाकर भारत में मुसलामानों के विरूद्ध लगातार दुष्प्रचार करते रहना भारतीय संस्कृति के अनुरूप नहीं है. अब अतिवादियों को संकीर्ण मानसिकता से ऊपर उठकर भारतीय-लोकतंत्र को मज़बूत करने की शुरुआत करनी चाहिए. विनाशकाले विपरीत बुद्धि....

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