इमाम हुसैन, वैश्विक शांति के प्रतीक और मानवता के दूत ---कुलदीप नय्यर
इमाम हुसैन, वैश्विक शांति के प्रतीक और मानवता के दूत ---कुलदीप नय्यर
नई दिल्ली (SVM)-प्रतिष्ठित वयोवृद्ध पत्रकार कुलदीप नय्यर ने कहा कि 6 माह के बच्चे की हत्या वही व्यक्ति कर सकता है जो मानवता का कट्टर दुश्मन हो, यज़ीद की फ़ौज ने ऐसा किया। उन्होंने हज़रत इमाम हुसैन को वैश्विक शांति का प्रतीक और मानवता का दूत बताते हुए गाँधी जी के शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा कि यदि आज़ादी के आन्दोलन के दौरान इमाम हुसैन के 72 बलिदानियो जैसे हितैषी उनके पास होते तो देश को आजाद कराने में इतना समय न लगता। उन्होंने इमाम हुसैन के व्यक्तित्व पर व्यक्त किये गए डा० राजेंद्र प्रसाद, डॉ० राधाकृष्ण, पंडित जवाहर लाल नेहरू तथा सरोजिनी नायिडू के विचारों का भी हवाला दिया।
वयोवृद्ध पत्रकार कुलदीप नय्यर, हुस्नारा ट्रस्ट की ओर से आयोजित सर्व धर्म सम्मलेन में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। दिल्ली स्थित इंडिया इस्लामिक सेंटर के आडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद मौलाना ओबैदुल्लाह खान आज़मी ने की।
इस अवसर पर भारतीय संत समाज के अध्यक्ष आचार्य श्री प्रमोद कृष्णं जी महाराज ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मानवता को बचाने के लिये इमाम हुसैन से बेहतर कोई दूसरा उदाहरण संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि हुसैन का मानने वाला कभी आतंकवादी नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि समाज के उद्धार और देश भर में शान्ति का सन्देश फैलाने के लिए हमें आप जैसे असंख्य इमाम हुसैन के अनुयाइयों की ज़रुरत है।
भारतीय मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के उपाध्यक्ष और आयोजन के मुख्य वक्ता मौलाना
डॉ० कल्बे सादिक़ ने इस अवसर पर कहा कि हज़रत इमाम हुसैन ने 1400 साल पहले जिस मानवता का गला घोंटा जा रहा था, उसे बचाने के लिए उन्होंने खुद सहित अपने हिताशियों को कुर्बान कर दिया। उन्होंने कहा कि शायद इसीलिए महात्मा गाँधी ने कहा था विश्व भर में इस्लाम तलवार की ताकत से नहीं, इमाम हुसैन के महान आदशों और अनुकरणीय चरित्र के कारण फैला।
जामिया मिलिया इस्लामिया में इस्लामिक स्टडीज़ के निदेशक डॉ० अख्तर-उल-वासे ने इस्लाम में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए हज़रत इमाम हुसैन की बहन हज़रत जैनब (Zainab-A) का उदहारण दिया। उन्होंने कहा कि कर्बला की घटना के बाद इमाम हुसैन के किरदार की बुलंदी तो हज़रत जैनब ने लुटे काफले की कमान अपने हाथ में लेकर अता की। इस्लाम को बचाने और उसे जिंदा रखने में खातून-इ-रिसालत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।
आयोजन के अध्यक्ष सांसद मौलाना ओबैदुल्लाह खान आज़मी ने कहा कि विश्व का हर अम्न पसंद इंसान हज़रत इमाम हुसैन के बलिदान, त्याग और आदर्शों का सम्मान करता है। उन्होंने अमन-पसंद अवाम को ज़ुल्म के खिलाफ आत्मसमर्पण न करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यज़ीद के खंडहर बने महल का आँगन 1400 साल बाद भी दमिश्क में आज कूड़े का ढेर बना हुआ है। ये सबूत है ज़ालिम के ज़ुल्मों के हिसाब की। इमाम हुसैन की अज़मत आज भी बुलंद है।
हुस्नारा ट्रस्ट के अध्यक्ष और जाने-माने समाजसेवी श्री ज़हीर जैदी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बड़े दुःख की बात यह है कि हम हुसैन को तो मानते हैं लेकिन हुसैन की नहीं मानते जबकि हुसैन ने बंदगाने-खुदा और कौमे-रसूल को इंसानियत की लाखों मिसाल दी हैं।
इस अवसर पर गणमान्य अतिथियों में न्यायविद श्री नाजिम ज़ैदी, वरिष्ठ पत्रकार व हिंदी साहित्य के कथाकार डॉ० रंजन ज़ैदी, सांसद (कारगिल) श्री हसन खान, पुलिस आयुक्त श्री एस एम् हसनैन, श्रीमती जोहरा चटर्जी (आईएएस), श्री अशजय ज़ैदी (जनरल मैनेजर ग्रेटर नोएडा प्रधिकरण), श्री हसन शुजा, मौलाना ज़फरुल हसन जयपुरी, श्रीमती कनीज़ फातिमा (निदेशक शिक्षा विभाग) तथा हैदर कमाल आदि महत्वपूर्ण व्यक्ति विशेष उल्लेखनीय कार्यक्रम का सञ्चालन नौगावां नगर पंचायत के अध्यक्ष श्री नदीम जैदी ने किया।
• प्रस्तुति : राहुल कांत, Media Platform, New Delhi
alpsankhyaktimes94gzb.com
नई दिल्ली (SVM)-प्रतिष्ठित वयोवृद्ध पत्रकार कुलदीप नय्यर ने कहा कि 6 माह के बच्चे की हत्या वही व्यक्ति कर सकता है जो मानवता का कट्टर दुश्मन हो, यज़ीद की फ़ौज ने ऐसा किया। उन्होंने हज़रत इमाम हुसैन को वैश्विक शांति का प्रतीक और मानवता का दूत बताते हुए गाँधी जी के शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा कि यदि आज़ादी के आन्दोलन के दौरान इमाम हुसैन के 72 बलिदानियो जैसे हितैषी उनके पास होते तो देश को आजाद कराने में इतना समय न लगता। उन्होंने इमाम हुसैन के व्यक्तित्व पर व्यक्त किये गए डा० राजेंद्र प्रसाद, डॉ० राधाकृष्ण, पंडित जवाहर लाल नेहरू तथा सरोजिनी नायिडू के विचारों का भी हवाला दिया।
वयोवृद्ध पत्रकार कुलदीप नय्यर, हुस्नारा ट्रस्ट की ओर से आयोजित सर्व धर्म सम्मलेन में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। दिल्ली स्थित इंडिया इस्लामिक सेंटर के आडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद मौलाना ओबैदुल्लाह खान आज़मी ने की।
इस अवसर पर भारतीय संत समाज के अध्यक्ष आचार्य श्री प्रमोद कृष्णं जी महाराज ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मानवता को बचाने के लिये इमाम हुसैन से बेहतर कोई दूसरा उदाहरण संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि हुसैन का मानने वाला कभी आतंकवादी नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि समाज के उद्धार और देश भर में शान्ति का सन्देश फैलाने के लिए हमें आप जैसे असंख्य इमाम हुसैन के अनुयाइयों की ज़रुरत है।
भारतीय मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के उपाध्यक्ष और आयोजन के मुख्य वक्ता मौलाना
डॉ० कल्बे सादिक़ ने इस अवसर पर कहा कि हज़रत इमाम हुसैन ने 1400 साल पहले जिस मानवता का गला घोंटा जा रहा था, उसे बचाने के लिए उन्होंने खुद सहित अपने हिताशियों को कुर्बान कर दिया। उन्होंने कहा कि शायद इसीलिए महात्मा गाँधी ने कहा था विश्व भर में इस्लाम तलवार की ताकत से नहीं, इमाम हुसैन के महान आदशों और अनुकरणीय चरित्र के कारण फैला।
जामिया मिलिया इस्लामिया में इस्लामिक स्टडीज़ के निदेशक डॉ० अख्तर-उल-वासे ने इस्लाम में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए हज़रत इमाम हुसैन की बहन हज़रत जैनब (Zainab-A) का उदहारण दिया। उन्होंने कहा कि कर्बला की घटना के बाद इमाम हुसैन के किरदार की बुलंदी तो हज़रत जैनब ने लुटे काफले की कमान अपने हाथ में लेकर अता की। इस्लाम को बचाने और उसे जिंदा रखने में खातून-इ-रिसालत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।
आयोजन के अध्यक्ष सांसद मौलाना ओबैदुल्लाह खान आज़मी ने कहा कि विश्व का हर अम्न पसंद इंसान हज़रत इमाम हुसैन के बलिदान, त्याग और आदर्शों का सम्मान करता है। उन्होंने अमन-पसंद अवाम को ज़ुल्म के खिलाफ आत्मसमर्पण न करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यज़ीद के खंडहर बने महल का आँगन 1400 साल बाद भी दमिश्क में आज कूड़े का ढेर बना हुआ है। ये सबूत है ज़ालिम के ज़ुल्मों के हिसाब की। इमाम हुसैन की अज़मत आज भी बुलंद है।
हुस्नारा ट्रस्ट के अध्यक्ष और जाने-माने समाजसेवी श्री ज़हीर जैदी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बड़े दुःख की बात यह है कि हम हुसैन को तो मानते हैं लेकिन हुसैन की नहीं मानते जबकि हुसैन ने बंदगाने-खुदा और कौमे-रसूल को इंसानियत की लाखों मिसाल दी हैं।
इस अवसर पर गणमान्य अतिथियों में न्यायविद श्री नाजिम ज़ैदी, वरिष्ठ पत्रकार व हिंदी साहित्य के कथाकार डॉ० रंजन ज़ैदी, सांसद (कारगिल) श्री हसन खान, पुलिस आयुक्त श्री एस एम् हसनैन, श्रीमती जोहरा चटर्जी (आईएएस), श्री अशजय ज़ैदी (जनरल मैनेजर ग्रेटर नोएडा प्रधिकरण), श्री हसन शुजा, मौलाना ज़फरुल हसन जयपुरी, श्रीमती कनीज़ फातिमा (निदेशक शिक्षा विभाग) तथा हैदर कमाल आदि महत्वपूर्ण व्यक्ति विशेष उल्लेखनीय कार्यक्रम का सञ्चालन नौगावां नगर पंचायत के अध्यक्ष श्री नदीम जैदी ने किया।
• प्रस्तुति : राहुल कांत, Media Platform, New Delhi
alpsankhyaktimes94gzb.com
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें