अनुराग बसु की बर्फी मीठी है/रंजन जैदी
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| रणबीर कपूर तथा प्रियंका चोपड़ा |
फिल्म निर्देशक
अनुराग बसु एक समर्थ
और अनुभवी दिग्दर्शक
हैं, यह बात
उन्होंने बर्फी फिल्म की
प्रस्तुति से साबित
कर दिखाया है।
इस फिल्म में आटिज्म
के शिकार दो
पात्रों के नितांत
आतंरिक और अदृश्य
व सुप्त जिजीविषाओं
के छिलके उतारने और भीतर की
दुनिया को सबके
सामने लाने का
प्रयास किया है
जिसमें उन्हें काफी सफलता
मिली है। यह
एक जोखिम भरा
टास्क था जिसे
हर कोई जीतने
का साहस नहीं
बटोर पाता है।
हालाँकि पहले भी
बालीवुड ने प्रोजेरिया
के रोगी बच्चे
को लेकर फिल्म
पा बनाने का सहस
जुटाया था, माई नेम
इज खान,
(एस्पर्ज़र सिंड्रोम) , डिस्लेक्सिया को
लेकर फिल्म तारे
ज़मीन पर, और अल्जायिमर्स सिंड्रोम को
लेकर फिल्म ब्लैक बनाई गयी थी। उपर्युक्त सभी फ़िल्में
बाक्स-ऑफिस पर
कामियाब भी रही
थीं।
बर्फी भी अपने कथ्य
और ट्रीटमेंट को
लेकर दर्शकों के
दिलों में जगह
बना लेने में
कामियाब सिद्ध हुई है।
फिल्म में प्रियंका
चोपड़ा (झिलमिल) ने
ऑटिज्म की शिकार एक ऐसी
लड़की की भूमिका
निभाई है जिसे
गूँगे-बहरे युवक
यानि रणबीर कपूर
(बर्फी) से प्रेम
हो जाता है।
रणबीर कपूर इलियाना
दिक्रूज़ यानि फिल्म
की श्रुति से
प्रेम करता है।
रूपा गांगुली उसकी
माँ है जो
अपनी बेटी को
ज़िन्दगी की सच्चाइयों
से आगाह करती
है। सौरभ शुक्ला ने पुलिस
ऑफिसर की भूमिका
निभाई है। दक्षिण
भारत की अभिनेत्री
इलियाना सहित सभी
कलाकारों ने फिल्म को
बुलंदियों तक पहुंचा
दिया है प्रियंका
चोपड़ा ने इस
फिल्म में भी
सिद्ध कर दिया
कि वह एक
प्रतिभावान अभिनेत्री है। 151 मिनिट
की यह फिल्म
अपनी तमाम विशेषताओं
के कारण दर्शकों
को पूरे समय
तक बांधे रखती
है। मूक-बधिर
बर्फी के रूप
में रणबीर कपूर
ने ये सिद्ध
कर दिया है
कि बालीवुड को एक
बड़ा सितारा मिल चुका है और राज कपूर घराने को नया वारिस। कैसा अजीब संयोग है कि इसी घराने की करीना कपूर विवाह-बंधन में बंधने जा रही है और रणबीर कपूर अपनी कमियाबी के शिखर की और प्रस्थान कर रहा है। इसी तरह यदि रणबीर अच्छी कहानियों और अनुभवी निर्देशकों के साथ काम करता रहा तो उसके फैन कभी मायूस नहीं होंगे। Mob. +91 9350 934 635 alpsankhyaktimes94gzb.com
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